“आदि मे परमेश्वर आकाश आ पृथ्वी के रचना कैलक,।” (उत्पत्ति १ः१)
परमेश्वर अपन महान शक्ति सँ ६ दिन मे सम्पूर्ण सृष्टि के रचना कैलक । ई कथा अपना सबके बत्बैहै कि जे परमेश्वर सब सृष्टिके सृष्टिकर्ता है।
🌅 पहिल दिन – इजोत आ अन्हार (उत्पत्ति १ः३–५)
तखन परमेश्वर कहलक, “इजोत हो।” तखन इजोत भ’ गेल।
परमेश्वर इजोत केँ देखलक जे ई नीक है, आ ओ इजोत आ अन्हार केँ अलग क’ देलक।
परमेश्वर इजोत केँ “दिन” आ अन्हार केँ “राईत” कहलक। साँझ भेल आ बिहान भेल—पहिल दिन।
☁️ दोसर दिन – आकाश (उत्पत्ति १ः६–८)
परमेश्वर कहल्कै, “पानि के बीचमे एक अन्तर होइ ,
जे पानि केँ पानि सँ अलग करै।”
तखन परमेश्वर आकाश बनैलक,
आ आकाश के नीचका पानि केँ
आकाश के ऊपरका पानि सँ अलग क’ देलक आ एहनहि भेल । परमेश्वर एहि अन्तरिक्ष केँ “आकाश” कहलक । साँझ भेल आ बिहान भेल—दोसर दिन।
🌿 तेसर दिन – धरती आ वनस्पति (उत्पत्ति १ः९–१३)
तखन परमेश्वर कहलकै, “आकाशके नीचँका पानि एकठाम जम्मा हो, आ सुखल भूमि देखाइ दै।” तखन एहनहि भेल ।
परमेश्वर सुखल भूमि केँ “पृथ्वी” कहलक, आ जम्मा भेल पानि केँ “समुद्र” कहलक आ परमेश्वर देखलकै जे ई नीक है ।
तखन परमेश्वर कहलक, “पृथ्वी सँ वनस्पति, बीउ वाला बूटि आ अपन–अपन जाति अनुसार बीउ बला फल देबय वाला गाछ उगै।” तखन एहनहि भेल।
पृथ्वी वनस्पति, बीउ वाला बूटि, आ अपन–अपन जाति अनुसार बीउ बला फल देबय वाला गाछ उइग–गेल आ परमेश्वर देखलक जे ई नीक है ।
साँझ भेल आ बिहान भेल—तेसर दिन।
🌞 चौठम दिन – सूरज, चाँद आ तारा (उत्पत्ति १ः१४–१९)
तखन परमेश्वर कहलकै, “आकाश मे ज्योति सभ होउ, जे दिन आ राति केँ अलग करै आ ओ सभ ऋतु, दिन आ वर्षके चिन्ह बनै।
आ पृथ्वी पर उजाला देबके लेल आकाशमे ओ ज्योति सभ होई।” तखन एहनहि भेल।
तखन परमेश्वर दूटा पैघ ज्योति बनौलक—बडाÞ ज्योति दिन पर राज करै लेल, आ छोट ज्योति राईत पर राज करै लेल। ओ तारा सबके सेहो बनौलक ।
परमेश्वर ओहि सभ केँ आकाशमे राखलक, जे पृथ्वी पर उजाला दई,
आ दिन आ राईत पर राज करै आ इजोत आ अन्हार केँ अलग करै। परमेश्वर देखलक जे ई नीक है ।
साँझ भेल आ बिहान भेल—चौठम दिन।
🐟 पाँचम दिन – जलचर आ पक्षी (उत्पत्ति १ः२०–२३)
तखन परमेश्वर कहलकै, “पानि जीवित प्राणीसबसँ भरि जाउ, आ पंक्षीसभ पृथ्वी पर आकाशमे उड़ै ।”
तखन परमेश्वर समुद्रक पैघ जलचर सभ, आ पानि मे चलए–फिरए वाला जात–जातके सब जीवित प्राणीसभ, आ पाईख वाला जात–जातके सब पंक्षीसब सृष्टि कैलक। परमेश्वर देखलक जे ई नीक है ।
परमेश्वर ओकरासब केँ आशीष देलक आ कहलक, “फलु–फूलू, बढ़ू आ समुद्रमे भरि जाउ आ पंक्षीसब पृथ्वी पर बढ़ैत जाउ।”
साँझ भेल आ बिहान भेल—पाँचम दिन।
🧑🤝🧑 छठम दिन – जानवर आ मनुष्य (उत्पत्ति १ः२४–३१)
तखन परमेश्वर कहलकै, “पृथ्वी अपन–अपन जाति अनुसार जीवित प्राणीसब उत्पन्न करै—पाल्तु पशु, घसड़ए वाला जन्तु आ बन–पशु सभ।” तखन एहनहि भेल।
परमेश्वर पृथ्वी के जात–जात के बन–पशु, पाल्तु पशु आ जमीन पर घसड़ए वाला सभ जन्तु बनौलक । परमेश्वर देखलक जे ई नीक है।
तखन परमेश्वर कहलक, “आउ, हम मनुष्य केँ अपन स्वरूपमे, अपन प्रतिरूपमे बनाबी । ओ समुद्रके माछ, आकाशके पंक्षी, पाल्तु पशु आ पृथ्वी पर चलए–फिरए वाला सभ जन्तु पर अधिकार राखै।”
एहि कारण परमेश्वर मनुष्य केँ अपनहि स्वरूपमे सृष्टि कैलक ।
परमेश्वरके प्रतिरूपमे ओ ओकरा सृष्टि कैलक ।
नर आ नारी बना क’ ओ ओकरासबके सृष्टि कैलक ।
परमेश्वर ओकरासबकेँ आशीष देलक आ कहलक, “फलू–फूलू, बढ़ू, पृथ्वीमे भरि जाउ आ ओकरा अपन वशमे करू। समुद्रके माछ, आकाशके पंक्षी आ पृथ्वीके सब जीवित प्राणी पर अधिकार राखू।”
तखन परमेश्वर कहलक, “देखू, हम अहाँ सभ केँ पृथ्वी पर सब बीउ देबय वाला बूटि आ फलमे बीउ रखनिहार सभ गाछ दैत छीस ई सभ अहाँ सबके आहार होईत।”
आ पृथ्वी के हर एक पशु, आकाश के हर एक पंक्षी आ जमीन पर चलए वाला हर एक जन्तु—जेकरामे जीवन है—ओकरासबके लेल हम हरियर वनस्पति आहारके लेल दैत छी।” तखन एहनहि भेल।
परमेश्वर अपन बनाओल सभ काज देखलक, आ देखलक जे ई बहुत नीक है । साँझ भेल आ बिहान भेल—छैठम दिन।
🙏 सातम दिन – विश्राम
परमेश्वर अपन कएल सब काज छैठम दिनमे पूरा क’ लेलक। आ सातम दिनमे ओ अपन कएल सब काज सँ विश्राम कएलक।
परमेश्वर सातम दिन केँ आशीष देलक आ ओकरा पवित्र बनौलक, किएक तँ ओहि दिन ओ अपन सृष्टिके सभ काज सँ विश्राम कएलक।
✝️ सुसमाचार (सन्देश)
जे परमेश्वर, अई सुन्दर संसार के बनैलक, ओहे परमेश्वर अहाँ सँ प्रेम करै य। मुदा मनुष्य, पाप के कारण परमेश्वर सँ दूर भ’ गेल।
एहि लेल परमेश्वर अपन एकलौता पुत्र यीशु मसीह के संसार मे पठौलक।
यीशु मसीह हमरा पाप लेल क्रूस पर मरल आ तेसर दिन जी उठल।
जँ अहाँ यीशु मसीह पर विश्वास करैत छी, त अहाँक पाप क्षमा होइत आ अहाँ अनन्त जीवन पाइब ।
❤️ निष्कर्ष
सृष्टि हमरा सिखबै है जे हम अकेला नई छी।
एक जीवित परमेश्वर है जे हमरा सबके बनौलक आ हमरास प्रेम करै है ।
👉 आइए, हम सब यीशु मसीह के अपन जीवन मे स्वीकार करु।


